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News Highlights
PM Narendra Modi says, country has given a befitting reply to forces trying to divide the nation            In his 'Mann Ki Baat' programme, PM urges people to go for local products during festive shopping            COVID-19 recovery rate touches 90 per cent            Paddy procurement gains momentum during ongoing Kharif Marketing Season; Over 144 lakh tonnes paddy procured so far            India celebrates the festival of Dussehra           

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समाचार संध्या

2000 HRS
20.09.2020

मुख्य समाचार :-

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कृषि विधेयकों के पारित होने की सराहना की। भारतीय कृषि इतिहास में इसे क्रांतिकारी क्षण बताया।
     
  • प्रधानमंत्री ने दोहराया न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य और सरकारी खरीद की प्रक्रिया जारी रहेगी।

  • केन्‍द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्‍यसभा में विपक्षी सदस्‍यों के हंगामे की निंदा की। विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

  • कोविड से स्‍वस्‍थ होने की दर बढकर उन्‍यासी दशमलव छह-आठ प्रतिशत हुई।

  • प्रधानमंत्री, कल बिहार में 14 हजार करोड रूपये से अधिक की नौ राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला वीडियो कांफ्रेंस के जरिये रखेंगे।

  • सिनोमा हालेप, गारबेनिया मुगुरूजा को हराकर इटली ओपन टेनिस के फाइनल में पहुंची।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि सुधारों से संबंधित दो विधेयकों के संसद में पारित होने पर कहा कि यह भारतीय कृषि के इतिहास में क्रांतिकारी क्षण है। श्री मोदी ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि इससे कृषि क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव आएगा और करोडों किसान सशक्‍त होंगे। उन्‍होंने कहा कि दशकों से भारतीय किसान विभिन्‍न दबावों से पीडित था और बिचौलियों से परेशान था। विधेयकों के पारित होने से किसान इन बाधाओं से मुक्‍त होगा। श्री मोदी ने कहा कि इससे किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी और उनकी समृद्धि सुनिश्चित होगी। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य की व्‍यवस्‍था जारी रहेगी। सरकारी खरीद जारी रहेगी।


श्री मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र को आधुनिकतम तकनीक की तत्काल जरूरत है क्योंकि इससे मेहनतकश किसानों को मदद मिलेगी। अब इन विधेयकों के पारित होने से किसानों की पहुंच भविष्य की टेक्नोलॉजी तक आसान होगी। इससे न केवल उपज बढ़ेगी बल्कि बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है। 

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केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि राज्‍यसभा में कृषि विधेयकों को पारित करने के दौरान विपक्षी सदस्‍यों का हंगामा दुखद, दुर्भाग्‍यपूर्ण और अत्‍यधिक शर्मनाक है। उन्‍होंने कहा कि सदन में चर्चा का माहौल बनाना सत्‍ता पक्ष की जिम्‍मेदारी है, लेकिन सदन में मर्यादाओं का पालन करना विपक्ष का कर्तव्‍य है।  उन्‍होंने कहा कि राज्‍यसभा के उपसभापति हरिवंश के साथ विपक्ष का व्‍यवहार दुखद है।


राज्‍यसभा में जब कृषि से संबंधित दो विधेयकों पर चर्चा चल रही थी। उस समय राज्‍यसभा के अंदर जो कुछ भी हुआ, वह जहां दुखद था, वही दुर्भाग्‍यपूर्ण था और इससे भी आगे जाकर मैं कहना चाहूंगा कि वो अत्‍यधिक शर्मनाक था।


उन्‍होंने कहा कि विपक्ष को संसदीय लोकतंत्र की मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि राजनीतिक स्‍वार्थों की पूर्ति करने के लिए विपक्ष किसानों में गलतफहमी पैदा कर रहा है।


श्री सिंह ने कहा कि दोनों विधेयक किसान और कृषि जगत के लिए क्रांतिकारी हैं। उन्‍होंने कहा कि न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य और कृषि उपज विपणन समिति मंडी खत्‍म नहीं हो रही है। 


यह दोनों विधेयक किसान और कृषि जगत दोनों के लिए ये ऐति‍हासिक है। इसे लागू करने से स्‍वाभाविक रूप से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, लेकिन किसानों के बीच गलतफहमी पैदा की जा रही है-एमएसपी समाप्‍त कर दी जाएगी, पीएमसी समाप्‍त कर दी जाएगी। हकीकत यह है कि दोनों बिल प्रभावी होने के बाद हमारा किसान अपना माल भारत में जहां भी बेचना चाहता है, पूरी आजादी के साथ बेच सकता है, जहां पर भी उसे अच्‍छी कीमत मिले।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की आमदनी दोगुना करने का वादा पूरा करने की दिशा में मोदी सरकार को अभी और भी काम करने हैं। ये दोनों विधेयक इसी दिशा में कदम हैं।

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संसद ने कृषि से संबंधित दो महत्‍वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दे दी है। राज्‍यसभा ने आज कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य संवर्धन तथा सरलीकरण विधेयक 2020 और कृषक सशक्‍तीकरण तथा संरक्षण कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार संबंधी 2020 के विधेयक को विपक्षी सदस्‍यों के शोर-शराबे और हंगामे के बीच मंजूरी दी। सदन ने विधेयकों को प्रवर समिति को सौंपने के विपक्षी सदस्‍यों के संशोधनों को भी अस्‍वीकार कर दिया। लोकसभा दोनों विधेयकों को पहले ही पारित कर चुकी है।


चर्चा के दौरान कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दलों और आम आदमी पार्टी के सदस्‍य सदन के बीचों-बीच आकर विधेयकों का विरोध करते रहे। विपक्षी सदस्‍यों के शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही भी स्‍थगित करनी पड़ी। जब सदन की फिर से बैठक हुई तो सदन के मार्शल सभापति के आसन को घेरे हुए थे और विपक्षी सदस्‍यों के हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन ने दोनों विधेयकों को पारित कर दिया।


कृषि मंत्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ने किसानों की आमदनी दुगनी करने के लिए अनेक कदम उठाये हैं। उन्‍होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य में काफी बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये का कृषि अवसंरचना कोष भी बनाया गया है। श्री तोमर ने विधेयकों को किसानों के लिए ऐतिहासिक बताया।


ये दोनों बिल ऐतिहासिक है और किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले हैं। इस बिल के माध्‍यम से किसान को अपनी फसल किसी भी स्‍थान से, किसी भी स्‍थान पर, मनचाही कीमत पर, बेचने की स्‍वतंत्रता होगी। इन विधेयकों से किसान को महंगी फसले पैदावार करने का अवसर मिलेगा।


कृषि मंत्री ने कहा कि अब तक किसानों को अपने उत्‍पाद किसी भी खरीदार को बेचने की छूट नहीं थी और कृषि उपज विपणन समितियां पारदर्शी तरीके से कार्य नहीं कर रही थीं। उन्‍होंने कहा कि विधेयकों के पारित हो जाने के बाद किसानों को अपनी उपज देश में कहीं भी और किसी को भी बेचने की स्‍वतंत्रता होगी और वे अपनी उपज की दर भी तय कर सकते हैं। श्री तोमर ने कहा कि विधेयकों से किसानों को अपनी मेहनत के लिए बेहतर दाम मिलने लगेंगे। उन्‍होंने विपक्ष के इस दावे का खण्‍डन किया कि इनका न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से कोई संबंध है।




प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी ने 2014 में कामकाज संभाला और उन्‍होंने कहा कि किसान की आमदनी दोगुनी करने के लिए उनकी सरकार प्रयत्‍न करेगी। राज्‍यों सरकारों के साथ काम करेगी और किसानों के साथ काम करेगी, तो किसानों की आमदनी दोगुनी हो उसके लिए सिर्फ ये ही बिल कारगर नहीं। न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य के मामले में जब लोकसभा में चर्चा हो रही तो इस प्रकार की शंका कुछ मित्रों ने व्‍यक्‍त की उस समय भी मैंने कहा था और बाकी प्रधानमंत्री जी ने भी देश को आश्‍वस्‍त किया है कि न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य का इस विधेयक से कोई भी लेना देना नहीं है। न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर खरीद हो रही थी और आने वाले कल में भी खरीद होती रहेगी।

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सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कृषि विधेयकों से किसानों को अपनी उपज ऊंचे मूल्‍यों पर कहीं भी बेचने का मौका मिलेगा और कृषि उपज विपणन समिति की मंडी में उपज बेचने की बाध्‍यता समाप्‍त होगी।


श्री जावड़ेकर ने राज्‍यसभा में विपक्षी दलों के आचरण की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने अपने अलोकतांत्रिक आचरण से राज्‍यसभा का अपमान किया है।

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संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्‍यसभा में विधेयकों के पारित होने के दौरान धक्‍का-मुक्‍की पर विपक्ष की आलोचना की। श्री जोशी ने कहा कि सदन में विपक्ष ने असंयत व्‍यवहार किया है। इस बीच, विपक्षी दलों ने राज्‍यसभा के उपसभापति हरिवंश के विरुद्ध अविश्‍वास प्रस्‍ताव का नोटिस दिया है। 

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देश में पिछले 24 घंटों में कोविड के सबसे अधिक 12 लाख 6 हजार जांच हुए हैं। अब तक कुल छह करोड़ 36 लाख से अधिक कोविड परीक्षण कराये जा चुके हैं। पिछले 24 घंटों में देशभर में 94 हजार से अधिक रोगी स्‍वस्‍थ हुए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि देश में स्‍वस्‍थ होने की दर 79 दशमलव छह-आठ प्रतिशत हो गई है। अब तक कुल 43 लाख से अधिक कोरोना रोगी इलाज के बाद ठीक हुए हैं।


एक दिन में 92 हजार 605 नए मरीजों का पता चलने से देश में रोगियों की कुल संख्‍या 54 लाख से अधिक हो गई है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा है कि जांच, निगरानी और उपचार की रणनीति पर कारगार तरीके से अमल के कारण स्‍वस्‍थ होने की दर बढ़ी है जबकि मृत्‍यु दर में गिरावट आई है। इस समय देश में कोरोना की वजह से मृत्‍यु दर एक दशमलव छह-एक प्रतिशत है, जो दुनिया में सबसे कम है।

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सरकार ने आज कहा कि कोविड महामारी को देखते हुए देशव्यापी लॉकडाउन लगाने से संक्रमण के लगभग 29 लाख मामले कम करने और लगभग 75 हजार मौतें टालने में मदद मिली है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि चार महीने की अवधि का उपयोग स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन बढ़ाने और पीपीई किट, एन-95 मास्क और वेंटिलेटर जैसे महत्वपूर्ण उपकरण देश में ही तैयार करने के लिए किया गया।

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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पिछले तीन वित्‍त वर्षों में जान-बूझकर कर्ज न लौटाने वालों से दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल की है। वित्‍त राज्‍यमंत्री अनुराग ठाकुर ने आज राज्‍यसभा में एक लिखित उत्‍तर में कहा कि पिछले वित्‍त वर्ष में जान-बूझकर कर्ज न लौटाने वालों पर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की 12 हजार तीन सौ करोड़ रुपये बकाया थे। उन्‍होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक इन मामलों की जानकारी केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो को देते हैं। वर्ष 2018 से इस वर्ष अगस्‍त तक सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के 512 मामले दर्ज किए गए और इनमें से दो सौ उनहत्‍तर मामलों में कार्रवाई शुरू की गई।

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राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि जम्‍मू-कश्‍मीर को ज्ञान और नवाचार का केन्‍द्र बनाने के लिए राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति पर संकल्‍पबद्ध होकर अक्षरश: पालन करना जरूरी है। जम्‍मू-कश्‍मीर में नई शिक्षा नीति पर एक सम्‍मेलन में राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत अपनी विशाल जनसंख्‍या के कारण बड़ी अच्‍छी स्थिति में है लेकिन इसका फायदा तभी है जब नौजवानों को कौशलों का प्रशिक्षण मिले, वे पेशेवर कार्यों में दक्ष हों और सही अर्थों में शिक्षित हों। उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति में त्रिभाषा सूत्र की परिकल्‍पना अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है और इससे लोगों को विभिन्‍न भाषाओं की जानकारी के साथ-साथ राष्‍ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल बिहार में 14 हजार दो सौ 58 करोड़ रूपये की लागत वाली नौ राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के ज़रिए रखेंगे। इनमें 4 हजार दो सौ 58 करोड़ रुपये की लागत से लगभग साढे तीन सौ किलोमीटर की राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं। इन सड़कों से बिहार और आस-पास के क्षेत्रों में बेहतर सम्‍पर्क सुविधा उपलब्‍ध हो सकेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री चार-चार लेन के तीन बड़े पुलों का उद्घाटन करेंगे।


प्रधानमंत्री ऑप्‍टीकल फाइबर इंटरनेट सेवाओं का उद्घाटन भी करेंगे। इसके तहत राज्‍य के सभी 45 हजार नौ सौ 45 गांवों में ऑप्‍टीकल फाइबर इंटरनेट सेवा उपलब्‍ध हो जाएगी।

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भारत ने मॉलदीव सरकार को कोविड महामारी के कारण हुए आर्थिक नुकसान से निपटने के लिए 25 करोड डॉलर की वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराई है। मॉलदीव के विदेश मंत्री अब्‍दुल्‍ला शाहिद ने कहा कि भारत ने महामारी के इस कठिन दौर में एक सच्‍चा मित्र होने का सबूत दिया है।


एक ऐसी महामारी जिसने हमें अपनी सीमाओं और अपने घरों को बंद करने को मजबूर किया है। लेकिन हमारे मित्रों ने हमेशा की तरह ये साबित कर दिया कि ये महामारी उन्‍हें अपने दिल के दरवाजे बंद करने पर मजबूर नहीं कर पायी और भारत ऐसे मुश्किल समय में भी हमारा एक महान मित्र रहा है।


यह सहायता मॉलदीव के राष्‍ट्रपति इब्राहीम मोहम्‍मद स्‍वालेह द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से आर्थिक सहायता की मांग के बाद उपलब्‍ध कराई गई है। इसे मॉलदीव सरकार के लिए आसान शर्तों पर उपलब्‍ध कराया गया है।

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संसद ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दे दी । राज्यसभा ने इस विधेयक को विपक्षी सदस्‍यों के शोर-शराबे और हंगामे के बीच आज मंजूरी दी। सदन ने विधेयकों को प्रवर समिति को सौंपने के विपक्षी सदस्‍यों के संशोधनों को भी अस्‍वीकार कर दिया। विपक्ष ने सदन में उस समय हंगामा किया जब सरकार ने दोनों विधेयकों को पारित कराने पर जोर दिया। हंगामे के कारण बैठक को कुछ देर के लिए स्थगित भी करना पड़ा। लोकसभा में ये विधेयक पहले ही पारित हो चुके हैं।


कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दोनों विधेयकों पर एक साथ हुई चर्चा का जवाब देते हुए कृषि उपज एवं कीमत आश्वासन संबंधी विधेयकों को ‘किसान हितैषी’ बताया। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था के तहत खरीद हो रही है और यह आगे भी जारी रहेगी ।


तोमर ने कहा कि यह ऐतिहासिक विधेयक हैं और इनसे किसानों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आयेंगे। 


कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने दोनों विधेयकों को किसान विरोधी करार देते हुए आसन के समीप आकर भारी हंगामा किया।


इन विधेयकों पर कई विपक्षी दलों का तर्क है कि यह विधेयक एमएसपी प्रणाली द्वारा किसानों को प्रदान किए गए सुरक्षा कवच को कमजोर कर देंगे और बड़ी कंपनियों द्वारा किसानों के शोषण की स्थिति को जन्म देंगे।


चर्चा के दौरान कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल जैसे दलों ने विधेयक को संसद की प्रवर समिति को भेजने की मांग की।


कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य दिलाना सुनिश्चित होगा।


कृषि मंत्री के जवाब के बाद विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच सदन ने विपक्ष द्वारा पेश संशोधनों को अस्वीकृत करते हुए दोनों विधेयकों को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। 


मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी सदस्य के. के. रागेश और कुछ अन्य विपक्षी सदस्यों ने कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अध्यादेश, 2020 तथा कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार अध्यादेश, 2020 को अस्वीकार करने के लिए संकल्प पेश किया।


सदन ने दोनों संकल्पों को खारिज कर दिया। चर्चा में भाग लेते हए कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समाप्त करने और कॉर्पोरेट जगत को फायदा पहुंचाने के लिए दोनों नए कृषि विधेयक लेकर आयी है।


कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि दोनों विधेयक किसानों की आत्मा पर चोट हैं, यह गलत तरीके से तैयार किए गए हैं तथा गलत समय पर पेश किए गए हैं।


मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी सदस्य रागेश ने कहा कि कृषि राज्य का विषय है, ऐसे में केंद्र सरकार इस प्रकार के फैसले कैसे ले सकती है। उन्होंने कहा कि अध्यादेश जारी होने के बाद ही पूरे देश में किसान संगठन इसका विरोध कर रहे हैं।


भाजपा के भूपेंद्र यादव ने कहा कि इन दोनों विधेयकों की परिस्थिति पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान 70 साल से न्याय के लिए तरस रहे हैं और ये विधेयक कृषि क्षेत्र के सबसे बड़े सुधार हैं। उन्होंने कहा कि दोनों विधेयकों से किसानों को डिजिटल ताकत मिलेगी और उन्हें उनकी उपज की बेहतर कीमत मिल सकेगी।


समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा ‘‘ ऐसा लगता है कि कोई मजबूरी है जिसके कारण सरकार जल्दबाजी में है।’’


उन्होंने कहा ‘‘ दोनों महत्वपूर्ण विधेयक हैं और इन्हें लाने से पहले सरकार को विपक्ष के नेताओं, तमाम किसान संगठनों से बात करनी चाहिए थी।


शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल ने दोनों विधेयकों को पंजाब के किसानों के खिलाफ बताते हुए उन्हें प्रवर समिति में भेजने की मांग की।


शिरोमणि अकाली दल के ही एसएस ढींढसा ने भी सरकार से इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा करने और दोनों विधेयकों को प्रवर समिति में भेजने की मांग की।


राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सरकार को इन विधेयकों को लाने के पहले विभिन्न पक्षों से बातचीत करनी चाहिए थी।


आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने कहा कि दोनों विधेयक पूरी तरह से किसानों के खिलाफ हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने दोनों विधेयकों को किसानों के हित में बताया और कहा कि इससे उन्हें बेहतर बाजार मिल सकेगा।


तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने दोनों विधेयकों को प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन विधेयकों के संबंध में राज्यों से मशविरा नहीं किया गया।


जनता दल (यूनाइटेड) के आरसीपी सिंह ने विधेयकों का समर्थन करते हुए कहा कि लंबे समय बाद किसानों के लिए कोई नीति आयी है। उन्होंने कहा कि विधेयक पारित होने के बाद किसानों को अलग-अलग विकल्प मिलेंगे।


राष्‍ट्रीय जनता दल सदस्य मनोज झा ने ‘ठेके पर खेती’ को लेकर सवाल उठाया और कहा ऐसी खेती में नकदी फसलों पर ही जोर दिया जाता है। उन्होंने किसानों की समस्याओं पर संपूर्णता से विचार करने की जरूरत पर बल दिया।


बहुजन समाज पार्टी के सतीशचंद्र मिश्रा ने कहा कि किसान देश की रीढ़ की हड्डी हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का मौजूदा आंदोलन इस आशंका के कारण हो रहा है कि एमएसपी बंद हो जाएगा। शिवेसना के संजय राउत ने सवाल किया कि अगर ये विधेयक सुधार के लिए हैं तो पंजाब, हरियाणा के किसान सड़कों पर क्यों हैं।


कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि ये विधेयक किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। कांग्रेस के अहमद पटेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा यह ‘‘पैकेजिंग, मार्केटिंग और मीडिया को मैनेज’’ करने में माहिर है।


पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्‍युलर) के एच.डी. देवेगौड़ा ने भी किसानों की भलाई की जरूरत पर बल दिया।


चर्चा में भाजपा के एस एस नागर, बीजू जनता दल के अमर पटनायक, तेलुगू देशम पार्टी  सदस्‍य के. रवींद्र कुमार, बीपीएफ विश्वजीत दैमारी, आईयूएमएल के अब्दुल बहाव, अन्नाद्रमुक के एस आर बालासुब्रमण्यम, एलजेडी के एम वी श्रेयमस कुमार, टीएमसी (एम) जीके वासन, भाकपा के विनय विश्वम,  द्रमुक के टी शिवा और टीकेएस इलानगोवन, टीआरएस के केशव राव, वाईएसआर कांगेस के विजय साई रेड्डी, आप के सुशील कुमार गुप्ता, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन, कांग्रेस के अखिलेश प्रसाद सिंह आदि सदस्यों ने भी भाग लिया।


इससे पहले शून्यकाल में राष्‍ट्रीय जनता दल के मनोज झा ने बिहार में कोरोना वायरस के संक्रमण और बाढ़ की दोहरी मार का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।


शून्यकाल में कांग्रेस के अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी बिहार से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार के कोरोना वायरस संकट के कारण विभिन्न अदालतों में अपनी पूरी क्षमता से कामकाज नहीं हो पा रहा है जिससे जमानत संबंधी मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई है।


बीपीएफ के विश्वजीत दैमारी ने सरकार से अरुणाचल प्रदेश में अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अरूणाचल प्रदेश भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहां की तमाम परिस्थितियों को देखते हुए अवसंरचना का विकास बहुत जरूरी है।


शून्यकाल में ही भाजपा की सरोज पांडेय ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य से जुड़ी आयुष्मान भारत योजना पूरी तरह लागू न किए जाने का मुद्दा उठाया।


शून्यकाल में तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी ने एनईटी (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) परीक्षा की तारीख बदलने की मांग की । उन्होंने कहा कि इस साल परीक्षा 23 अक्टूबर तक होगी। लेकिन 21 अक्टूबर से दुर्गा पूजा शुरू हो रही है।


सुबह उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर पूर्व प्रधानमंत्री और जद (एस) नेता एच डी देवेगौड़ा ने राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली।


लोकसभा समीक्षा

लोकसभा में आज विदेशी अभिदान विनियमन संशोधन विधेयक-2020 पेश किया गया। इसके माध्यम से विदेशी अभिदान विनियमन अधिनियम 2010 का संशोधन किया जा रहा है।


विधेयक पेश करते हुए गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि इसमें धार्मिक संगठनों को विदेशी अंशदान प्राप्त करने का अधिकार पहले की तरह है और बिना भेदभाव के सभी धर्मों को यह अधिकार प्राप्त है।


राय ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के आलोक में आधार की व्यवस्था से जुड़ा संशोधन लाया गया है। गृह राज्य मंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि कोई भी संगठन हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को बाधित नहीं करे और कोई खतरा पैदा नहीं हो। जिस उद्देश्य से पैसा मिला है उसी के लिए इस्तेमाल हो।

उन्होंने कहा कि अगर कोई संस्था कानून के हिसाब से काम नहीं करती तो उस स्थिति में उसे नोटिस देते हैं, उनका पक्ष सुनते हैं और फिर जरूरी होता है तो कानून के हिसाब से कार्रवाई करते हैं।


विधेयक पेश करने का विरोध करते हुए तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि यह कुछ संगठनों को एफसीआरए की प्राप्ति रोकने का प्रयास है। कुछ लोग ही विदेशी अनुदान ले सकें, ऐसा प्रयास है।


कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कभी-कभी ऐसा लगता है कि सत्तापक्ष की बजाय विपक्ष से सवाल किया जाता है।


कांग्रेस के ही मनीष तिवारी ने कहा कि एफसीआरए के प्रावधानों को सख्त बनाने की बजाए लचीला बनाया जाना चाहिए।


सदन में नियम 193 के तहत कोविड-19 वैश्विक महामारी पर चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोरोना महामारी के दौरान सदन के सदस्यों की ओर से किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस संकट के समय भी सदन की बैठक में बड़ी संख्या में पहुंचकर सांसदों ने देश को सकारात्मक संदेश दिया है।


बिरला ने कहा कि इस सदन ने देश को राह दिखाई है। स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े खतरे के बीच भी बड़ी संख्या में आकर आप सबने सकारात्मक संदेश दिया है। आज कोविड जैसे गंभीर विषय पर चर्चा कर रहे हैं तो यह चर्चा रचनात्मक और सकारात्मक हो।


उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम कैसे देशवासियों को इस संक्रमण से सुरक्षित रख सकते हैं। सदस्य जो भी बातें करें तो उसमें सुझाव दें ताकि कोरोना केखिलाफ लड़ने में मदद मिले।


लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान मैंने सभी सदस्यों से संपर्क किया। हर सदस्य ने गरीबों और समाज की मदद के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।


उन्होंने कहा कि आप लोग अपनी ओर से किए गए अच्छे प्रयासों को भी बताएं ताकि प्रेरणा मिले।


इस चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने यह भी कहा कि सरकार को कोरोना वायरस की जांच और इससे निपटने के उपायों को लेकर अधिक पारदर्शिता का परिचय देना चाहिए।


थरूर ने कहा कि जनवरी में यह संकेत मिल गया था कि यह वायरस खतरनाक है। जनवरी महीने में भारत पहला मामला आया। इसके बाद राहुल गांधी ने सरकार को आगाह किया था कि कोरोना वायरस संकट खतरनाक है और सरकार को समय रहते कदम उठाने पड़ेंगे।


कांग्रेस सांसद के अनुसार, यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह देश को विश्वास में ले, न कि लोगों को अंधेरे में रखे।


उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि हम यह नहीं कहते थे कि महामारी नहीं थी, हम यह बता रहे थे कि तैयारी नहीं थी।


थरूर ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से कई रचनात्मक सुझाव दिए गए थे, लेकिन सरकार ने इन पर अमल नहीं किया। इन सुझावों में लोगों के खातों में पैसे डाले जाने का सुझाव प्रमुख था, लेकिन इसको भी क्रियान्वित नहीं किया गया।


इससे पहले राज्यसभा में कृषि संबंधी विधेयकों को लेकर उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर उच्च सदन के चैंबर में स्थिति सामान्य होने पर ही लोकसभा की बैठक शुरू किये जाने के कांग्रेस के अनुरोध के बाद रविवार को निचले सदन की बैठक करीब 50 मिनट के लिए स्थगित कर दी गयी।


लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के अनुरोध पर अध्यक्ष ओम बिरला ने निचले सदन की बैठक आरंभ होने के करीब दस मिनट बाद शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी। अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि उन्होंने चौधरी और अन्य सदस्यों की बात सुनी है।


उन्होंने कहा कि सभी का मत जानने के बाद मैं कह रहा हूं कि आज की बैठक में राज्यसभा का चैम्बर लोकसभा का हिस्सा नहीं होगा।


बिरला ने कहा कि पूरा सदन कोविड-19 पर चर्चा चाहता है और देश को अच्छा संदेश जाना चाहिए।


संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था दी है कि अगर लोकसभा का चैंबर और गैलरी भर जाती है तो सदन स्थगित कर दिया जाएगा। यही भावना पूरे सदन की है।


इसके बाद बिरला ने करीब 3 बजकर 10 मिनट पर सदन की बैठक शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी। कोविड-19 पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के सांसद ने देश में कोरोना वायरस महामारी के बीच तमाम निर्णय समय पर लिये जाने का श्रेय केंद्र सरकार को देते हुए रविवार को कहा कि हमारे देश की बड़ी आबादी के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया और जनता उनके साथ खड़ी रही।


सदन में नियम 193 के तहत कोविड-19 वैश्विक महामारी पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के किरीट सोलंकी ने कहा कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय पर लॉकडाउन जैसे निर्णय लिए।


खुद भी कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके सोलंकी ने कहा कि वह घर में पृथक-वास में रहे और डॉक्टर के साथ फोन पर संपर्क में रहते हुए स्वस्थ हो गए।


उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री को ईमेल किया कि बिना लक्षण वाले लोगों को भर्ती नहीं किया जाना चाहिए। उस पर प्रधानमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया।’’ सोलंकी ने कहा कि इसे प्रोटोकॉल में शामिल किया गया।


सोलंकी ने कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, नर्सों, सफाई कर्मियों, आशा कर्मचारियों आदि कोरोना योद्धाओं की प्रशंसा की।


भाजपा सांसद ने कहा कि यह एक युद्ध की तरह था और इसमें डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और नर्स सैनिकों की तरह लड़े हैं। इस युद्ध में जिस तरह से कोरोना योद्धाओं ने काम किया, वे धन्यवाद के पात्र हैं।


सोलंकी ने कहा कि इस महामारी के मद्देनजर चीन की भूमिका भी शंका के दायरे से बाहर नहीं है क्योंकि यह प्रकोप चीन के वुहान से शुरू हुआ था।


भाजपा के रमेश बिधूड़ी ने कहा कि यह देश का सौभाग्य है कि इस संकट की घड़ी में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में राज करने वाले कोरोना संकट के समय मैदान छोड़कर भाग गए, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति को संभाला।


बिधूड़ी ने कहा कि केजरीवाल सरकार तब्लीगी जमात के कार्यक्रम को रोकने में विफल रही। इनका तब्लीगी जमात से क्या रिश्ता है?

भाजपा की लॉकेट चटर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यापक दृष्टिकोण की बदौलत ही इस आपदा को अवसर में बदला गया।

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सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय ने वर्ष 2025 मादक पदार्थों की मांग घटाने के लिए एक राष्‍ट्रीय कार्य योजना तैयार की है और इसे लागू किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्‍य बहुस्‍तरीय रणनीति के जरिए मादक पदार्थों के दुष्‍प्रभाव को खत्‍म करना है। इसके तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्‍वविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी और निदान केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। यह जानकारी सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता राज्‍यमंत्री रतनलाल कटारिया ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्‍न के उत्‍तर में दी।

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इटली ओपन टेनिस टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त सिमोना हालेप महिला सिंगल्स के फाइनल में पहुंच गई हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने  गार्बिनिया मुगुरुज़ा को 6-3, 4-6, 6-4 से हराया।

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आई.पी.एल. क्रिकेट में आज दुबई में डेल्‍ही कैपिटल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मुकाबला हो रहा है। ताजा समाचार मिलने तक डेल्‍ही कैपिटल्स ने 10वें ओवर में तीन विकेट पर 47 रन बना लिए हैं।

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ओडि़सा के पांच जिलों में अगले चौबीस घंटे के दौरान मूसलाधार वर्षा की आशंका है। उत्‍तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाके के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। मौसम विभाग ने जाजपुर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंगपुर और ढेंकनाल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

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राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली में न्‍यूनतम तापमान 26, जबकि अधिकतम 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मुम्‍बई में न्‍यूनतम तापमान 25 और अधिकतम 30 डिग्री के बीच रहने के आसार है। कोलकाता में गरज के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। तापमान 25 और 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।उत्‍तर भारत में, केंद्रशासित प्रदेश जम्‍मू-कश्‍मीर के जम्‍मू में न्‍यूनतम तापमान 25, जबकि अधिकतम तापमा37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। श्रीनगर में न्‍यूनतम तापमान 9, जबकि अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। लद्दाख में भी सामान्‍यत: आसमान साफ रहेगा। तापमान 11 और 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।गिलगित में तापमान 11 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। मुजफ्फराबाद में भी सामान्‍य तौर पर आसमान साफ रहेगा। तापमान 16 और 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान हैं। मौसम के साथ समाचार कक्ष से मैं शिवप्रकाश मिश्र।

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