A- A A+
Last Updated : Sep 20 2020 10:30PM     Screen Reader Access
News Highlights
PM hails passage of agriculture reform bills in Parliament; Describes it as watershed moment in history of Indian agriculture            Rajnath Singh condemns ruckus created by opposition members in RS; Accuses them of misleading farmers            Covid Recovery rate improves to 79.68 per cent            PM to lay foundation stone of 9 highway projects in Bihar tomorrow            Italian Open Tennis: Simona Halep reaches final of Women's Singles           

Text Bulletins Details


समाचार संध्या

2000 HRS
16.09.2020

मुख्य समाचार
:-

  • लोकसभा ने बैंकिंग नियमन (संशोधन) विधेयक-2020 पारित किया। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा- विधेयक से जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा होगी।

  • सरकार ने कहा - जम्‍मू कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 हटने के बाद आतंकवादी घटनाओं में कमी आयी।

  • रिजर्व बैंक ने उद्योग जगत को आश्‍वासन दिया कि बाजार में नगदी की आपूर्ति और आर्थिक वृद्धि को प्रोत्‍साहन देने के लिए सभी आवश्‍यक उपाय किए जा रहे हैं।

  • देश में आज कोविड-19 के सबसे अधिक 82 हजार नौ सौ 61 मरीज स्‍वस्‍थ हुए।

  • योशिहिदे सुगा ने जापान के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

-----------------------

लोकसभा ने बैंकिंग विनियमन संशोधन विधेयक 2020 को आज मंजूरी दे दी। यह विधेयक इसी आशय के अध्‍यादेश का स्‍थान लेगा जो इस वर्ष 26 जून को लागू किया गया था। विधेयक पर हुई चर्चा में वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि इससे देश में सहकारी बैंकों के जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा हो सकेगी।


हम लगातार कोऑपरेटिव, बैंक्‍स और स्‍मॉल बैंक्‍स जिनके डिपाज़िटर्स को बहुत तकलीफ हो रही है। उन डिपाज़िटर्स के प्रोटेक्‍शन के लिए और उनके इंटरेस्‍ट के प्रोटेक्‍शन के लिए कोऑपरेटिव सोसाएटीस जो बैंक के नाते काम करते हैं, उनमें जो बैंक के नाम उपयोग करते हैं या बैंकर या बैंकिंग के काम करते हैं, उनको रेगूलेट करने के लिए इस बैंकिंग रेगूलेट ऐक्‍ट अमेन्ड्मन्ट के द्वारा डिपाज़िटर्स का प्रोटेक्‍शन के लिए ये अमेन्ड्मन्ट लिया जा रहा है।


उन्‍होंने महाराष्‍ट्र में पीएमसी बैंक का जिक्र करते हुए कहा कि नए कानून के बन जाने से ऐसी स्थितियों में छोटे जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा की जा सकेगी। श्रीमती सीतारामन ने कहा कि कोरोना महामारी ने सहकारी बैंकों की वित्‍तीय स्थिति पर बुरा असर डाला है। उन्‍होंने बताया कि देश में दो  सौ 77 शहरी सहकारी बैंक खराब हालत में हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि इनमें से एक सौ पांच सहकारी बैंक न्‍यूनतम निर्धारित राशि रखने की स्थिति में नहीं है, जबकि 47 की शुद्ध लागत ऋणात्‍मक स्थिति में है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि इस विधेयक में बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा-3, धारा-45 और धारा-56 में संशोधन का प्रस्‍ताव है। इस विधेयक से भारतीय रिज़र्व बैंक सहकारी बैंकों के पुनर्गठन या विलय की योजना बना सकेगा और जमाकर्ताओं के हित में सही प्रबंधन की व्‍यवस्‍था भी कर सकेगा। कांग्रेस, मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के सदस्‍यों ने विधेयक को देश के संघीय ढांचे के खिलाफ बताते हुए इसका विरोध किया।

-----------------------

रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास ने उद्योग जगत को आश्‍वासन दिया कि बाजार में नकदी की आपूर्ति सुनिश्‍चित करने और आर्थिक वृद्धि को प्रोत्‍साहन देने के लिए सभी आवश्‍यक उपाय किए जाएंगे। आज एक वैबिनार में उन्‍होंने भारतीय वाणिज्‍य और उद्योग चैंबर्स संघ-फिक्‍की के सदस्‍यों से यह बात कही।


श्री शक्तिकांत दास ने कहा कि अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार की रफ्तार सुस्‍त होने की आशंका है क्‍योंकि जैसे-जैसे अर्थव्‍यवस्‍था को फिर से खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं, संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं। रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि नीतिगत ब्‍याज दरों में कटौती के फलस्‍वरूप देश के विभिन्‍न क्षेत्रों में बाजार की शर्तों में महत्‍वपूर्ण छूट दी गई है।


श्री दास ने आश्‍वासन दिया कि रिजर्व बैंक आर्थिक परिदृश्‍य की पूरी निगरानी कर रहा है और कोविड-19 संकट से बाहर निकलने के लिए उद्योग जगत और कारोबारियों की सहायता के लिए तैयार है।

-----------------------

वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकार उद्योगों को अनापत्ति प्रमाण पत्र और स्‍वीकृति देने की सभी सुविधाएं एक ही स्‍थान पर उपलब्‍ध कराने वाली सिंगल विंडो प्रणाली के लिए प्रयास कर रही है। लोकसभा में आज ए‍क लिखित प्रश्‍न के उत्‍तर में श्री गोयल ने कहा कि भारत में निवेश के लिए सूचना टेक्‍नोलॉजी के कई प्‍लेटफॉर्म उपलब्‍ध होने के बावजूद निवेशकों को विभिन्‍न जानकारियां हासिल करने और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने के लिए कई जगह भटकना पड़ता है। उन्‍होंने यह भी कहा कि नई प्रणाली के बन जाने से निवेशकों को केंद्र और राज्‍य सरकारों से संबंधित सभी स्‍वीकृतियां एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्‍ध हो जाएंगी और वे भारत में आसानी से अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे। श्री गोयल ने कहा कि निवेश की स्‍वीकृति के लिए यह प्रकोष्‍ठ एक राष्‍ट्रीय पोर्टल के रूप में काम करेगा। जिसमें केंद्र और राज्‍य सरकारों के विभिन्‍न मंत्रालयों और विभागों से संबंधित प्रणालियों को आपस में जोड़ दिया जाएगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि ऐसा करने से मंत्रालयों के मौजूदा सूचना टेक्‍नोलॉजी पोर्टलों के काम-काज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

-----------------------

जम्‍मू कश्‍मीर में पाकिस्‍तान की ओर से आतंकवादियों की घुसपैठ में पिछले ढाई साल में कमी हुई है। राज्‍यसभा में आज एक लिखित उत्‍तर में गृह राज्‍यमंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि 2018 में 143, 2019 में 141 और इस वर्ष जुलाई तक जम्‍मू कश्‍मीर में घुसपैठ के 48 मामले सामने आए हैं।


श्री रेड्डी ने कहा कि जम्‍मू कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 हटाने के बाद आतंकवादी घटनाओं में उल्‍लेखनीय कमी आयी है। उन्‍होंने कहा कि 5 अगस्‍त 2019 से 9 सितम्‍बर 2020 के बीच कोई बड़ी आतंकवादी घटना नहीं हुई। श्री रेड्डी ने कहा कि अनुच्‍छेद 370 हटाने से पहले 402 दिन के अन्‍दर जम्‍मू कश्‍मीर में कुल 455 आतंकवादी घटनाएं हुईं थी।


श्री रेड्डी ने कहा कि सरकार ने आतंकवाद को कतई बर्दाश्‍त न करने की नीति अपनाई है। उन्‍होंने कहा कि आतंकवादी संगठनों की चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए सरकार ने सुरक्षा बढ़ाई है और कानून को कड़ाई से लागू किया है।

-----------------------

चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा-एलएसी पर अप्रैल 2020 की स्थिति बहाल करने से संबंधित प्रश्‍न को फिर से टाल दिया है। आज बीजिंग में प्रेस के साथ बातचीत में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति दूर करने के बारे में प्रश्‍न का कोई स्‍पष्‍ट उत्‍तर देने से साफ इन्‍कार कर दिया। हमारे संवाददाता ने बीजिंग से खबर दी है कि चीन के प्रवक्‍ता ने आशा व्‍यक्‍त की कि दोनों देश हाल में मॉस्‍को में भारत-चीन के विदेश मंत्रियों के बीच हुए पांच सूत्री समझौते का पालन करेंगे। प्रवक्‍ता ने यह भी कहा कि चीन, सीमा पर तना-तनी को शांतिपूर्ण तरीके से दूर करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि भारत, सीमा पर तनाव को शांतिपूर्ण तरीके से दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है और चीन से भी अपेक्षा करता है कि वह इस दिशा में भारत के साथ मिलकर काम करेगा।

-----------------------

पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सेना अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिकी और उपकरणों के साथ पूरी तरह से तैयार है। पिछले 20 वर्ष में सेना को दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में लड़ाई के लिए उपयुक्‍त रक्षा उपकरण, भोजन और अस्‍त्र-शस्‍त्र उपलब्‍ध कराए गए हैं। इस संबंध में फायर एंड फ्यूरी कोर के मेजर जरनल अ‍रविंद कपूर ने कहा-


लद्दाख जैसी जगह में ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्‍स फायर एंड फ्यूरी कोर के लिए बहुत मायने रखता है और पिछले बीस साल में हम इसको मास्‍टर कर चुके हैं। हमारा लॉजिस्टिक इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर आज इतना र्स्‍माटली बिल्‍टअप हो चुका है कि बाहर से आने वाला कोई भी यूनिट या फॉरमेशन प्‍लग एण्‍ड प्‍ले मोड में आकर यहां पर जो यूनिट्स तैनात हैं उनके साथ जुड़ जाता है और इमीजेटली इफैक्टिव हो जाता है। आज हमारे पास इतना इक्विपमेंट है कि हमने फ्रंट लाइन पे हरेक जवान को स्‍टेट ऑफ दी आर्टस स्‍पेशलिक विंटर क्‍लोदिंग और पेंटेज दिया है। स्‍टेट ऑफ दी आर्ट फेसेलिटीज में हैबीटैट, मेडिकल हेल्‍थ एण्‍ड हाईजीन और इक्विपमेंट सस्‍टेनेंस के सारे सिस्‍टम ऑलरेडी एस्‍टैबलिश हो चुके हैं।

-----------------------

देश में आज एक ही दिन में कोविड के सबसे अधिक 82 हजार नौ सौ 61 मरीज ठीक हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इस संक्रमण से स्वस्थ होने की दर 78 दशमलव पांच तीन प्रतिशत हो गई है। अब तक 39 लाख 42 हजार मरीज ठीक हुए हैं। पूरे देश में आज स्वस्थ होने वालों में महाराष्ट्र का प्रतिशत 23 दशमलव चार एक रहा है। पिछले 24 घंटों में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में कुल मिलाकर स्वस्थ होने की दर 35 दशमलव पांच प्रतिशत है। 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 70 प्रतिशत से अधिक लोग रोग मुक्त हुए हैं।


आज स्वस्थ होने और सक्रिय मामलों के बीच 29 लाख से ज्यादा का अंतर है। सक्रिय मामलों की संख्या स्वस्थ होने वालों की संख्या से करीब चार गुणा ज्‍यादा है।


पिछले 24 घंटों में 90 हजार से अधिक नए मामलों की पुष्टि हुई है। फिलहाल भारत में इस रोग से मृतकों की दर एक दशमलव छह तीन प्रतिशत है।

-----------------------

तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही कोविड महामारी की चिंताओं के बीच अनिश्चत काल के लिए स्थगित कर दी गई है। हालांकि सदन की कार्यवाही इस महीने की 28 तारीख तक चली थी, लेकिन कुछ विधायकों और कर्मचारियों के कोविड से संक्रमित होने के कारण सत्र की अवधि कम करनी पड़ी। इस दौरान विधान मंडल के दोनों सदनों में करीब 12 विधेयक पारित किए गए।

-----------------------

म्‍यामां ने कोविड-19 संक्रमण के कई मामले सामने आने के बाद सरकारी कर्मचारियों के कार्यालयों में उपस्थिति संबंधी पाबंदियों की घोषणा की है। उपनिदेशक के स्‍तर नीचे वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को महीने में दो सप्‍ताह तक घर से और दो सप्‍ताह कार्यालय से काम करने को कहा गया है। लेकिन वरिष्‍ठ अधिकारियों को रोजाना कार्यालय आना होगा।

-----------------------

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आज कहा कि राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति से युवा विद्यार्थियों को नई बुलंदी छूने में मदद मिलेगी। राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए वेबिनार में श्री निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में शिक्षा मंत्रालय भारत को ज्ञान और अनुसंधान का केंद्र बनाएगा।


शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे ज्‍यादा से ज्‍यादा उच्‍च शिक्षण संस्‍थान शिक्षा के माध्‍यम के रूप में मातृभाषा या स्‍थानीय भाषा का उपयोग करेंगे।

-----------------------

आज अंतर्राष्‍ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस है। एक ट्वीट में केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि विश्व ओजोन दिवस जलवायु परिवर्तन और ओजोन परत के क्षरण के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने लोगों से ओजोन परत के संरक्षण के लिए ऊर्जा बचत वाले उपकरणों के उपयोग की अपील की।

-----------------------

जापान में मुख्य सत्ताधारी दल-लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के योशीहिदे सुगा को आज देश के नए प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। जापान के सम्राट नारूहितो ने आज शाही महल में श्री सुगा के शपथ ग्रहण का समारोहपूर्वक अनुमोदन किया। 71 वर्षीय राजनेता, वयोवृद्ध शिंजो आबे की जगह लेंगे। श्री आबे ने स्वास्थ्य कारणों से प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। नए प्रधानमंत्री ने मंत्रिमंडल का गठन कर दिया है जिसमें वित्त मंत्री तारोआसो, विदेश मंत्री तोषीमितसु मोटिगी और पर्यावरण मंत्री शिनजीरो कोयजूमि को बरकरार रखा गया है। 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल में से 15 सदस्य पूर्व सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

-----------------------

अब प्रस्तुत है संसद में आज की कार्यवाही की समीक्षा। पहले पेश है लोकसभा की समीक्षा। 


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में बैंकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक 2020 को चर्चा तथा पारित कराने के लिए रखा।


वित्‍तमंत्री ने इस विधेयक को लेकर आशंकाओं को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि इस विधेयक के दायरे में केवल वैसी ही सहकारी समितियां आयेंगी जो बैंकिंग क्षेत्र में काम रही हैं।


इस विधेयक में जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिये बेहतर प्रबंधन और समुचित नियमन के जरिये सहकारी बैंकों को बैकिंग क्षेत्र में हो रहे बदलावों के अनुरूप बनाने का प्रावधान किया गया है। यह विधेयक इससे संबंधित अध्यादेश के स्थान पर लाया गया है।


श्रीमती सीतारमण ने कहा कि बैंक का नाम रखकर जो सहकारी समितियां काम कर रही हैं, उन पर भी वही नियम लागू होने चाहिए जो वाणिज्यिक बैंकों पर लगते हैं। इससे बेहतर प्रशासन सुनिश्चित हो सकेगा।


वित्त मंत्री ने कहा कि राज्यों के सहकारिता कानूनों को नहीं छूआ गया है और प्रस्तावित कानून इन बैंकों में वैसा ही नियमन लाना चाहता है, जैसे दूसरे बैंकों पर लागू होते हैं।


उन्होंने कहा कि यह उन सहकारी बैंकों पर लागू होगा जो बैंक, बैंकर और बैंकिंग से संबंधित होंगे।


यह विधेयक भारतीय रिजर्व बैंक-आरबीआई को अवश्यकता पड़ने पर सहकारी बैंकों के प्रबंधन में बदलाव करने का अधिकार देता है। इससे सहकारी बैंकों में अपना पैसा जमा करने वाले आम लोगों के हितों की रक्षा होगी ।


विधेयक में कहा गया है कि आरबीआई को सहकारी बैंकों के नियमित कामकाज पर रोक लगाये बिना उसके प्रबंधन में बदलाव के लिये योजना तैयार करने का अधिकार मिल जायेगा। कृषि सहकारी समितियां या मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र में काम करने वाली सहकारी समितियां इस विधेयक के दायरे में नहीं आयेंगी।


विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के मनीष तिवारी ने कहा कि अध्यादेश जारी करने के लिए कुछ आधार होते हैं, लेकिन इस अध्यादेश को जारी करने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं है।


उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन यहां जिला सहकारी बैंकों से कृषि क्रेडिट सोसायटी को अलग करने का प्रयास किया जा रहा है जिसका कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।


तिवारी ने आग्रह किया कि कि सरकार इस विधेयक को वापस ले क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो देश में सहकरी बैंकिंग व्यवस्था पर दूरगामी नकारात्मक असर पड़ेगा।


वहीं, भाजपा के शिवकुमार उदासी ने विधेयक का समर्थन किया और कहा कि सहकारी बैंकों के बेहतर प्रबंधन और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए यह विधेयक जरूरी है।


उन्होंने कहा कि अतीत में सहकारी बैंकों से जुड़े कई घोटाले हुए हैं और कई अनियमितताएं हुईं। यह संशोधन इन पर भी प्रभावी ढंग से अंकुश लगा सकेगा।


भाजपा सदस्‍य ने कहा कि विधेयक के कानून बनने के बाद सहकारी बैंकिंग व्यवस्था पर रिजर्व बैंक की प्रभावी निगरानी हो सकेगी।


विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने सरकार से सवाल पूछा कि इस विधेयक को इतनी जल्दबाजी में क्यों लाया गया है।


उन्होंने कहा कि आरबीआई बैंकों का सफल नियामक की भूमिका निभाने में विफल रहा है। उन्‍होंने कहा कि आरबीआई पर काम का अत्यधिक बोझ है। रॉय ने कहा कि यस बैंक के मामले में भी ऐसा देखने में आया है।


तृणमूल ने कहा कि इस विधेयक से राज्यों के अधिकारों का भी हनन होगा।


वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के श्रीकृष्णा देवरयालू ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि हर समस्या के समाधान के लिए आरबीआई पर केंद्रित नहीं रहना चाहिए।


लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सदस्यों ने लोक महत्व के कई मुद्दे उठाए। भाजपा सदस्‍य तेजस्वी सूर्या ने केरल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कथित पुलिस ज्यादती का मुद्दा उठाया और कहा कि लोकतंत्र में ऐसे दमन पर संज्ञान लेने की जरूरत है।


सूर्या ने कहा कि केरल में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने वालों को पुलिस की बर्बरता का सामना करना पड़ा है। राज्य की वामपंथी सरकार के कार्यकाल में एक के बाद एक घोटाले आ रहे हैं और लोग आक्रोशित हैं ।


भाजपा के ही निशिकांत दुबे ने झारखंड में पिछले कुछ महीने में आपराधिक घटनाओं में वृद्धि होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय और यूपीएससी के मना करने के बाद भी राज्य की सरकार ने एक शीर्ष पुलिस अधिकारी की प्रभारी के रूप में नियुक्ति की है।


दुबे ने इस मामले पर केंद्र से संज्ञान लेने की मांग की और कहा कि ऐसा नहीं होने पर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।


भाजपा की ही लॉकेट चटर्जी ने पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की कथित खराब स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में रामनवमी सहित ऐसे पर्वों के समय दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न होती है और प्रदेश सरकार मूकदर्शक बनी रहती है।


तृणमूल कांग्रेस की सदस्‍य प्रतिमा मंडल ने अभिनेता सुशांत राजपूत की मौत से जुड़े मीडिया कवरेज का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों की रिपोर्टिंग को लेकर सरकार को दिशानिर्देश जारी करना चाहिए।


कांग्रेस के डॉक्टर अमर सिंह ने केंद्र सरकार के कृषि से जुड़े अध्यादेशों के खिलाफ पंजाब में किसानों के आंदोलन का मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार को इनके साथ ज्यादती नहीं करनी चाहिए और इनसे बातचीत करके विश्‍वास में लेना चाहिए।


शिवसेना की भावना गवली ने मराठा समुदाय के आरक्षण का विषय उठाया।


तृणमूल कांग्रेस की नुसरत जहां रूही ने कहा कि सरकार को कोरोना महामारी के कारण कठिनाईयों का सामना कर रहे मनोरंजन उद्योग की मदद करनी चाहिए।


जनता दल यू के आलोक कुमार, बहुजन समाज पार्टी के श्याम सिंह यादव और गिरीश चंद्र तथा कुछ अन्य सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाए।


चर्चा के बाद सदन में बैंकिंग विनियमन संशोधन विधेयक 2020 को पारित कर दिया गया। चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह विधेयक इसलिए नहीं लाया गया है कि केंद्र सरकार सभी सहकारी बैंकों पर निगरानी रखेगी।

-----------------------

राज्यसभा ने आज गुजरात के जामनगर में स्थित आयुर्वेद संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने के मकसद से लाए गए  ''आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान विधेयक, 2020 '' को मंजूरी प्रदान कर दी। लोकसभा यह विधेयक पिछले सत्र में ही पारित कर चुकी है। सदन में चर्चा के बाद इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।


इस विधेयक में जामनगर स्थित गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर में स्थित तीन संस्थानों का विलय कर इसे राष्ट्रीय महत्व का दर्जा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।


हालांकि चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने सवाल उठाया कि गुजरात स्थित संस्थान को ही यह दर्जा क्यों प्रदान किया जा रहा है।


चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने कहा कि जामनगर संस्थान का चयन ''मनमाने तरीके'' से नहीं किया गया है बल्कि उद्देश्यात्मक तरीके से इसे चुना गया क्योंकि 1956 में स्थापित यह संस्थान इस श्रेणी में सबसे पुराने संस्थानों में से एक है।


डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने कहा कि आयुर्वेद विधा में यह संस्थान विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ लंबे समय से समन्वय करता आ रहा है और पिछले 20 साल में इसने करीब 65 देशों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया है।


चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस के शांतनु सेन ने सरकार के इरादों को लेकर सवाल किया। उन्होंने आरेाप लगाया कि सरकार का पूरा प्रयास है कि अधिकारों को अपने पास ही रखा जाए। 


बीजू जनता दल के प्रशांत नंदा ने कहा इस विधेयक के प्रावधानों से आयुर्वेद को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को बढावा देने से स्वास्थ क्षेत्र में सरकार के खर्च में कमी आएगी। 


सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि केरल व महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भी आयुर्वेद के विकास पर जोर दिया जाना चाहिए।


भारतीय जनता पार्टी नेता सुभाष चंद्रा ने कहा कि जर्मनी और स्विट्जरलैंड जैसे देशों ने भी आयुर्वेद में काफी काम किया है और आयुर्वेद उत्पादों के वैश्विक कारोबार में चीन की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत तक हो गयी है।


बहुजन समाज पार्टी के वीर सिंह ने उत्तर प्रदेश में भी ऐसे संस्थान स्थापित करने की मांग की।


चर्चा में जनता दल (यू) के रामचंद्र प्रसाद सिंह, डीएमके पार्टी के एम शनमुगम, टीआरएस सदस्य केशव राव, वाईएसआर कांग्रेस के विजय साई रेड्डी, मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी सदस्‍य के के रागेश, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा, भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के विनय विश्वम, राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की फौजिया खान, आम आदमी पार्टी के नारायण दास गुप्ता, ऑल इंडिया अन्‍ना डीएमके पार्टी के एम थंबीदुरै ने भी भाग लिया।


इसके बाद सदन में कोविड-19 महामारी और इस संबंध में केन्‍द्र सरकार द्वारा उठाये गये कदमों के बारे में स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर चर्चा हुई। चर्चा में भाग लेते हुए विपक्षी सदस्यों ने सरकार को घेरते हुए लॉकडाउन के कारण हुए फायदे और नुकसान का ब्यौरा देश के सामने रखने की मांग की।


सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस जब आया तो शुरू में पूरे विश्व में भय का माहौल बन गया जो आज तक बना हुआ है। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाउन की पहली बार जो घोषणा की, उसके लिए सरकार ने कितनी तैयारी की थी? उन्होंने कहा कि देश की जनता को यह पता चलना चाहिए कि लॉकडाउन की वजह से कितना फायदा हुआ और कितना नुकसान हुआ?


भाजपा के विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने कोरोना वायरस से निपटने के उपायों को लेकर कम से कम 15 बार राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में कभी भी किसी मुख्यमंत्री ने यह नहीं कहा कि लॉकडाउन नहीं लगाया जाना चाहिए था।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने कोरोना महामारी के दौरान वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्होंने कहा कि 150 देशों को हाइड्रोक्लोरोक्वीन दवा भेजी गयी तथा कई देशों में पीपीई किट तथा मास्क की आपूर्ति की गयी।


बीजू जनता दल के प्रसन्न आचार्य ने कहा कि अगर इस महामारी का दूसरा दौर आता है तो उससे निपटने की अभी से तैयारी रखनी चाहिये।


समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने सवाल किया कि सरकार को कोरोना वायरस मरीजों की परेशानियों पर गौर करना चाहिए। मरीजों की ठीक तरीके से कॉन्सेलिंग करने की जरूरत है। 


डीएमके पार्टी के तिरुचि शिवा ने कहा कि देश में कोरोना का पहला मामला काफी पहले सामने आया था तभी से इसके प्रसार को रोकने के लिए इंतजाम करना चाहिये था।


चर्चा में तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायने और मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के इलामारम करीम ने भी भाग लिया। 


इससे पहले शून्यकाल में समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों से गेहूं खरीदने में 20 रूपए प्रति क्विंटल की दर से ढुलाई व सफाई के पैसे ले रही है और लोगों को इस राशि की कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है।


शून्यकाल में ही राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सदस्य वंदना चव्हाण ने समाज के कमजोर तबके के छात्रों की मुश्किलों का जिक्र किया और डिजिटल ढांचे को मजबूत बनाने तथा ऐसे छात्रों को डिजिटल सुविधाएं मुहैया कराने का सरकार से आग्रह किया।


शून्यकाल में ही कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने कोरोना वायरस बीमारी के इलाज में महत्वपूर्ण आक्सीजन की कीमतों में भारी वृद्धि होने पर चिंता जतायी। भाजपा के भागवत कराड ने भी यह मुद्दा उठाया और मांग की कि हर राज्य में आक्सीजन की समान और नियमित आपूर्ति हो।


मनोनीत सदस्‍य स्वप्न दासगुप्ता ने पिछले दिनों विश्वभारती विश्वविद्यालय में हुई तोड़फोड़ का मुद्दा उठाया और सुरक्षा के लिए केंद्रीय बल तैनात करने की मांग की।


कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने नयी शिक्षा नीति पर सवाल उठाया और कहा कि यह भविष्य की ओर बढ़ने के बदले पीछे की ओर ले जाने वाला है।


कांग्रेस के दो सदस्यों के सी वेणुगोपाल और राजीव सातव ने उस मीडिया रिपोर्ट पर चिंता व्यक्त की जिसमें कहा गया है कि एक चीनी कंपनी द्वारा दस हजार से अधिक प्रमुख भारतीय लोगों और संगठनों पर नज़र रखने की बात की गयी है।


इस पर राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने संसदीय कार्य मंत्री से कहा कि वे इस पर ध्यान दें और संबंधित मंत्री को इसकी जानकारी दें।


राज्‍यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने जम्मू कश्मीर में इंजीनियरों के स्वयं सहायता समूह को समाप्त कर देने से 15 हजार इंजीनियरों से काम छिन जाने का मुद्दा उठाया और सरकार से पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की।

-----------------------

सरकार ने कोविड महामारी के मद्देनजर वृद्धाश्रम चलाने वाली एजेंसियों को अग्रिम अनुदान जारी करने का निर्णय लिया है। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2020-21 के दौरान अब तक ऐसे वृद्धाश्रम चलाने वाली एजेंसियों के लिए कुल 83 करोड़ रूपये जारी किए जा चुके हैं।


मंत्रालय, वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना लागू कर रही है जिसके अंतर्गत राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन जैसी वृद्धा आश्रम चलाने और उसका प्रबंधन करने वाली एजेंसियों को अऩुदान सहायता दी जाती है। पंजीकृत सोसाइटियों के माध्यम से इन एजेंसियों को अऩुदान सहायता दी जाती है।

-----------------------

आयकर विभाग ने इस वर्ष पहली अप्रैल से 15 सितम्बर के बीच 30 लाख से अधिक करदाताओं को एक लाख छह हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि रिफंड की है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने एक ट्वीट में बताया कि 29 लाख से अधिक करदाताओं को 31 हजार सात सौ 41 करोड़ रूपये और एक लाख 74 हजार कंपनियों को 74 हजार सात सौ 29 करोड़ रूपये रिफंड किए गए।

-----------------------

अब आर्थिक जगत की खबरों के साथ विशाल शर्मा:-


बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज का सेंसक्‍स आज दो सौ 59 अंक बढ़कर 39 हजार तीन सौ तीन पर बंद हुआ। नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज का निफ्टी भी 83 अंक की वृद्धि से 11 हजार छह सौ पांच पर पहुंच गया। दिल्‍ली सर्राफा बाजार में आज सोने के मूल्‍य में एक सौ 37 रुपए की कमी आई और 24 कैरेट सोने का मूल्‍य 53 हजार तीस रुपए प्रति दस ग्राम रहा। चांदी भी पांच सौ 17 रुपए टूटकर 70 हजार पांच सौ 53 रुपए प्रति किलो पर आ गई। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्‍चे तेल की कीमतों में आज लगातार दूसरे दिन तेजी रही। ब्रैंट कच्‍चे तेल के दाम 41 डॉलर 40 सैंट प्रति बैरल के आस-पास रहे।

-----------------------

Live Twitter Feed

Listen News

Morning News 20 (Sep) Midday News 20 (Sep) Evening News 20 (Sep) Hourly 20 (Sep) (1910hrs)
समाचार प्रभात 20 (Sep) दोपहर समाचार 20 (Sep) समाचार संध्या 20 (Sep) प्रति घंटा समाचार 20 (Sep) (2200hrs)
Khabarnama (Mor) 20 (Sep) Khabrein(Day) 20 (Sep) Khabrein(Eve) 20 (Sep)
Aaj Savere 20 (Sep) Parikrama 20 (Sep)

Listen Programs

Market Mantra 20 (Sep) Samayki 9 (Aug) Sports Scan 20 (Sep) Spotlight/News Analysis 20 (Sep) Employment News 20 (Sep) World News 20 (Sep) Samachar Darshan 22 (Mar) Radio Newsreel 21 (Mar)
    Public Speak

    Country wide 12 (Mar) Surkhiyon Mein 20 (Sep) Charcha Ka Vishai Ha 11 (Mar) Vaad-Samvaad 17 (Mar) Money Talk 17 (Mar) Current Affairs 6 (Mar) Sanskrit Saptahiki 19 (Sep) North East Diary 20 (Sep)